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शिववास विचार – Shivwas Vichar

शिववास विचार – Shivwas Vichar  भगवान शिव की पूजा के अनेक प्रकार और विधियां हैं। शिवपूजा में लिंग पूजा ही प्रमुख है। लिंग पूजा में भी अनेकों प्रकार होते हैं जैसे नर्मदेश्वर शिव लिंग, पार्थिव लिंग, पारद लिंग आदि। शिवलिंग की पूजा करने में अभिषेक का भी विशेष महत्व होता है जिसे रुद्राभिषेक कहा जाता…

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वह्निवास अर्थात अग्निवास विचार – हवन करने के लिए अग्निवास कैसे निकालते हैं ?

अग्निवास विचार – हवन करने के लिए अग्निवास कैसे निकालते हैं : सैका तिथिर्वारयुता कृताप्ता शेषे गुणेऽभ्रे भुवि वह्निवासः ।
सौख्याय होमे शशियुग्मशेषे प्राणार्थनाशो दिवि भूतले च ॥

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पंचगव्य मंत्र : निर्माण, प्राशन, प्रोक्षण

पंचगव्य मंत्र : निर्माण, प्राशन, प्रोक्षण – किसी भी पूजा-अनुष्ठान-व्रत-यज्ञादि में पञ्चगव्य विधान भी आवश्यक है। पञ्चगव्य विधान में ४  कर्म है :

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पितृपक्ष 2024 : महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर

 पितृपक्ष 2024 : महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर देवकर्म से अधिक महत्वपूर्ण पितृकर्म होता है। पितरों के निमित्त किया गया कर्म श्राद्ध कहलाता है। आश्विन माह का कृष्णपक्ष पितृपक्ष कहलाता है। पितृपक्ष में प्रतिदिन श्राद्ध करना चाहिये। जो प्रतिदिन श्राद्ध नहीं कर सकते वो कम-से-कम 10 दिन करे, जो 10 दिन भी नहीं कर सकते…

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कर्मकाण्ड

कर्मकांड कर्मकाण्ड क्या है ?         सबसे पहले तो हमें यह जानने की आवश्यकता है कि कर्मकांड क्या है अथवा कर्मकांड किसे कहते हैं ? बहुधा कर्मकांड को श्राद्ध कर्म का पर्यायवाची समझने की भूल लोग करते हैं और श्राद्ध कराने वाले ब्राह्मण को कर्मकांडी कहते हैं। तो क्या जो श्राद्ध नहीं…

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ध्यातव्य : कर्मकांड कैसे सीखें

कर्मकांड कैसे सीखें    अग्निवास विचार अग्निवास 2024  पंचगव्य प्रकरण होम विधि (छन्दोग और वाजसनेयी हवन विधि)  वृद्धिश्राद्ध विधान (छन्दोग और वाजसनेयी दोनों मातृका पूजा सहित) सुगम श्राद्ध विधि (वाजसनेयी और छन्दोग दोनों)  शक्ति साधना  संपूर्ण दुर्गा सप्तशती  वास्तु शांति विधि  उपनयन संस्कार  विवाह संस्कार  प्राण प्रतिष्ठा विधि  यज्ञ विधि  महामृत्युंजय जप विधि   आगामी व्रत पर्व…

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