पवित्रीकरण
पवित्रीकरण मंत्र इन संस्कृत पवित्रीकरण से भी पहले ग्रंथिबंधन करना चाहिए। ब्राह्मण या सधवा स्त्री ग्रंथिबंधन करें : ॐ गणाधिपं नमस्कृत्य उमा लक्ष्मी सरस्वतीम्। दंपत्योर्रक्षणार्थाय पटग्रंथि करोम्यहम् ॥ श्रीदेव देव कुरुमंगलानि संतानवृद्धिकुरु संततञ्ञ। धनायुवृद्धिकुरुइष्टदेव मदग्रथिबंधे शुभदाभवन्न्तु॥ सपत्नीक यजमान ग्रंथिबंधन : यजमान और यजमानपत्नी स्नानादि करके नया/अहत/शुद्ध वस्त्र (एकबार पहनकर उतारा गया वस्त्र भी धोने के बाद ही शुद्ध…
